आस्मां के दिल में बसता हुआ
तारा जब टूट जाता है तो
वो हटाएगा को नहीं पता
पर हताश दूसरे तारों के
सीने में छुप जाता है..
आस्मां से गिरता वो ,
तारा जब टूट जाता है तो ,
टूटे हुए दिलों को ,
फिरसे मिलन की आस देता है ..
ख़्वाहिशें जाग जाती हैं ,
टूटे हुए तारे से ,खोया प्यार माँगते हैं
नई मन्नतें , नए ख़्वाबों को ,
संजोने का वह ख़्वाब देता है ..
टूटा हुआ वहि तारा ,
आज जो टूटकर भी ना टूटा है ..
जो कल तक ,
आस्माँ के दिल में बसता था ..
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