तू मेरी ख़ुशी मेरी चाहत है लेकिन ,
खुद्द पर किसी को थोपना मेरी आदत में नहीं ।
मेरी ख्वाहिशों को पंख तूने दिए ,
पर उन्हें सहेजना तेरी आदत में नहीं।
तू अयने की उस अक्स की तरह है ,
जो ज़रा हिलते ही साथ छोड़ देती है ,
वफ़ा बन साथ देना शायद तेरी आदत में नहीँ ।।
हर वक़्त बस तेरा ही ख्याल तुझे रहता है
मेरी आरज़ूओं का ख्याल रखना शायद तेरी आदत में नहीं ।।
ख्वाबों में भी तेरी आरज़ू ख़त्म होती नहीं
मेरा चेहरा भी याद रखना तेरी आदत में नहीं ।।
....."निवेदिता"
खुद्द पर किसी को थोपना मेरी आदत में नहीं ।
मेरी ख्वाहिशों को पंख तूने दिए ,
पर उन्हें सहेजना तेरी आदत में नहीं।
तू अयने की उस अक्स की तरह है ,
जो ज़रा हिलते ही साथ छोड़ देती है ,
वफ़ा बन साथ देना शायद तेरी आदत में नहीँ ।।
हर वक़्त बस तेरा ही ख्याल तुझे रहता है
मेरी आरज़ूओं का ख्याल रखना शायद तेरी आदत में नहीं ।।
ख्वाबों में भी तेरी आरज़ू ख़त्म होती नहीं
मेरा चेहरा भी याद रखना तेरी आदत में नहीं ।।
....."निवेदिता"
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